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www.google.com

Google का इतिहास काफी रोचक है। यह 1996 में लैरी पेज और सर्गेय ब्रिन द्वारा स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के डॉक्टरेट छात्रों के रूप में एक अनुसंधान परियोजना के रूप में शुरू हुआ था। शुरुआत में "बैकरब" के नाम से, परियोजना का उद्देश्य वेबसाइटों की महत्वपूर्णता का विश्लेषण करना था जिसका मूल्यांकन उनके पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण लिंक्स की संख्या के अध्ययन से किया गया था। 1998 में, उन्होंने अपने परियोजना को औपचारिक रूप दिया  googal जूगल, जो बड़ी संख्या में जानकारी का संगठन करने का इरादा रखते थे, एक खेल है। वे Google खोज इंजन का शुभारंभ किया, जो अपनी सटीकता और सरलता के कारण तेजी से लोकप्रिय हुआ। Google की तेजी से वृद्धि के कारण, विभिन्न उत्पादों और सेवाओं के विकास का निर्माण हुआ, जैसे कि Gmail, Google Maps, Google Docs और YouTube। 2004 में, Google ने पब्लिक में जाने के लिए प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव में $1.67 अरब की धनराशि जुटाई। वर्षों के बाद, Google ने विविध उपकरणों को अधिग्रहण किया, जैसे कि Android Inc. 2005 में और YouTube 2006 में। यह Google Pixel स्मार्टफोन और Google Home स्मार्ट स...

Indian Voter's General Information

प्रश्न 1. क्या एक गैर नागरिक, अभ्य‍र्थी हो सकता है? उत्तर-नहीं।  एक गैर नागरिक, निर्वाचनों में निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी नहीं हो सकता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 84(क) में यह परिकल्पित है कि कोई व्यक्ति संसद में सीट को भरने के लिए चुने जाने हेतु तब तक पात्र नहीं होगा जब तक कि वह भारत का नागरिक न हो। संविधान के अनुच्छेद 173(क) में राज्य विधान सभाओं के लिए इसी प्रकार का प्रावधान है।  प्रश्न 2. लोक सभा या विधान सभा का अभ्यर्थी होने के लिए न्यूनतम आयु क्या है?  उत्तर-पच्चीस वर्ष।  भारतीय संविधान के अनुच्छे।द 84(ख) में यह प्रावधान है कि लोक सभा निर्वाचन हेतु अभ्य‍र्थी होने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष होगी। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 36(2) के साथ पठित संविधान के अनुच्छेद 173(ख) के द्वारा विधान सभाओं के अभ्य‍र्थी होने के लिए यही प्रावधान है।  प्रश्न 3. यदि मैं किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हूं, तो क्या मैं निर्वाचन लड़ सकता हूं? उत्तर- नहीं। अभ्यर्थी के रूप में निर्वाचन लड़ने के लिए व्यक्ति को मतदा...

शिक्षा का महत्व क्या है

महोदय और महोदया, आज, मैं आपके सामने खड़ा हूँ एक ऐसे विषय पर चर्चा करने के लिए जो हमारे व्यक्तिगत विकास के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सामाजिक प्रगति का आधार बनता है - शिक्षा। शिक्षा हमारे उज्ज्वलता, सशक्तिकरण और प्रगति की ओर पथ प्रदर्शित करने वाली चिराग है। यह हमें अवसरों के दरवाजों को खोलने वाली कुंजी है, हमारी दृष्टिकोण को बड़ाती है और नवाचार के बीजों को पोषित करती है। शिक्षा की दुनिया के बदलते मंच पर हमें ध्यान देना चाहिए कि शिक्षा केवल एक व्यक्ति को पढ़ाई करने के लिए ही नहीं है, बल्कि यह समाज को समृद्धि और समाजशास्त्र के प्रति समर्पित करने का साधन भी है। यह समाज के निर्माण में एक अद्वितीय योगदान करती है जो सिर्फ जानकारी को ही नहीं, बल्कि यहाँ तक कि सृजनात्मक सोच को भी बढ़ावा देती है। हमें यह स्वीकार करना होगा कि तकनीकी प्रगति का अभ्यास रखने के बावजूद, शिक्षा का असली मूल्य शिक्षकों और शिक्षिकाओं में है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया है, मार्गदर्शन किया है, और भविष्य के नेतृत्व की तैयारी में सहायक हुए हैं। शिक्षा में डिजिटल युग की उपस्थिति को हमे स्वीकार करना होगा। यह न...

India is a civilized Nation

India is a civilized nation governed by the rule of law, ensuring a structured and orderly society. Legal frameworks guide the functioning of institutions, maintaining order and upholding the rights of citizens.

आध्यात्मिकता क्या है

आध्यात्मिकता व्यक्ति के आत्मा और ब्रह्मांड के साथ जुड़े अनुभव, विचार, और अर्थों का अध्ययन करने का माध्यम है। इसका मूल उद्देश्य आत्मा के साथ तात्पर्य स्थापित करके जीवन को समृद्धि और शांति से भरना है। आध्यात्मिकता में मौलिक सिद्धांत हैं जो जीवन की उच्चतम और आद्यतित प्राथमिकताओं को साधने का प्रयास करते हैं। यह ध्यान, तप, सेवा, और अद्वैत वेदांत जैसी विभिन्न अभ्यास विधियों के माध्यम से आत्मा का संबंध बनाए रखने का मार्ग दिखाता है। आध्यात्मिक साधना के दौरान, व्यक्ति अपनी अंतरात्मा को समझने का प्रयास करता है और उच्चतम या परमात्मा के साथ एकता में आत्मसमर्पण करने का प्रयास करता है। इसमें समर्पित साधक अपने कार्यों में निष्कलंकता, दया, और सच्चाई की दिशा में बदलता है। आध्यात्मिकता व्यक्ति को जीवन के अद्भूतता और रहस्य को समझने के लिए प्रेरित करती है और उसे सच्चे सुख और आत्मिक समृद्धि की अनुभूति का स्वरूप सिखाती है।

Horse Trading

हॉर्स ट्रेडिंग का क्या मतलब होता है हॉर्स ट्रेडिंग" इसके शाब्दिक अर्थ पर जाएंगे तो इसका मतलब घोड़ों की खरीद- फरोख्त से है, लेकिन यहां पर किसी घोड़े को नहीं खरीदा जा रहा है. कैंब्रिज डिक्शनरी के अनुसार "हॉर्स ट्रेडिंग" शब्द का मतलब किन्हीं दो पार्टियों के बीच चतुराई पूर्ण ऐसी संधि से होता है, जिसमें एक दूसरे को दोनों लोग लाभ पहुंचाने के लिए कोई काम करते हैं. भारतीय राजनीति में इस तरह की स्थिति जब भी बनती है, राजनेता इसे "हॉर्स ट्रेडिंग"का नाम देते हैं हॉर्स ट्रेडिंग शब्द कब प्रचलित हुआ? हॉर्स ट्रेडिंग शब्द 1820 के आसपास सामने आया था. तब इसका मतलब राजनीति से नहीं, बल्कि घोड़ों की खरीद-फरोख्त से था. उस दौरान घोड़े पालने वाले और घोड़े खरीदने वाले लोग अलग-अलग हुआ करते थे. इनके बीच कुछ बिचौलिए यानी ट्रेडर होते थे, जो कुछ कमीशन लेकर घोड़ों को एक जगह से खरीदकर दूसरी जगह बेचते थे. लेकिन इस ट्रेडिंग में धीरे-धीरे एक चालाकी सामने आने लगी. घोड़े बेचने वाले व्यापारी या बिचौलिए अधिक फायदा कमाने के लिए कुछ अच्छी नस्ल के घोड़े छिपा देते थे. उनको बेचने के लिए चालाकी कर ज्यादा प...

नैतिकता और ईमानदारी

नैतिकता और ईमानदारी, जो कि सिविल सेवा और नैतिक व्यवहार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण हैं, उनका विवेचन करते हैं: 1. नैतिकता (Ethics)    - नैतिकता व्यक्ति या समाज के मूल्यों, मर्यादाओं, और नैतिक सिद्धांतों के साथ आचरण की प्रक्रिया है।    - इसमें सही और गलत के बीच विचार करना, सही कार्रवाई करना, और समाज में सहयोग और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना शामिल है।    - सिविल सेवा में, नैतिकता से अभियंतृता, सहयोग, और सामाजिक न्याय की भावना को समाहित किया जाता है। 2. ईमानदारी (Integrity):    - ईमानदारी व्यक्ति की साहसपूर्ण और सीधी आचरण शैली को दर्शाता है, जिसमें वह सच्चाई और न्याय की प्राथमिकता देता है।    - यह उन मूल्यों का पालन करने का दृढ़ आश्वासन देता है जो व्यक्ति ने स्वीकार किए हैं और जिन्हें वह अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में प्रतिष्ठित रखता है।    - सिविल सेवा में, ईमानदारी सरकारी सेवकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे सार्वजनिक धन और सामाजिक विश्वास के साथ काम करते हैं। इस रूप में, नैतिकता और ईमानदारी सिविल सेवा में एक सशक्...