चुनावी बॉन्ड पंजीकृत राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए एक वित्तीय साधन है। इसका उद्देश्य राजनीतिक वित्तपोषण में पारदर्शिता को बढ़ाना है। चुनावी बॉण्ड योजना की घोषणा 2017-18 के बजट में की गयी थी। इसके लिए रिज़र्व बैंक एक्ट,1934 तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में आवश्यक संसोधन किये गए थे। चुनावी बॉन्ड 1,000 रुपए, 10,000 रुपए, एक लाख रुपए, 10 लाख रुपए और एक करोड़ रुपए के गुणकों में उपलब्ध होते है। कोई भी भारतीय नागरिक या संस्था या कंपनी चुनावी बॉन्ड खरीद सकती है। एक व्यक्ति एकल रूप से या अन्य व्यक्तियों के साथ संयुक्त रूप से चुनावी बॉण्डों की खरीद कर सकता है। चुनावी बॉन्ड खरीदने वालों के नाम को गोपनीय रखा जाता है। बॉन्ड खरीदने वाले को अपनी सारी जानकारी (केवाईसी) बैंक को देनी होती है। बॉन्ड खरीदने वाले को उसका जिक्र अपनी बैलेंस शीट में भी करना होता है। केवल वही राजनीतिक दल चुनावी बॉन्ड प्राप्त कर सकते है, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत पंजीकृत हो तथा जिन्हें लोक सभा या राज्य विधान सभा के पिछले आम चुनाव में कम से कम एक प्रतिशत मत मिले हो। ...