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लोकसभा अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष के बारे में मुख्य तथ्य  परिचय: 1. लोकसभा अध्यक्ष: सदन का संवैधानिक और औपचारिक प्रमुख होता है। 2. पीठासीन अधिकारी: लोकसभा के लिये अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, राज्यसभा के लिये सभापति एवं उपसभापति। 3. सहायता: संसदीय गतिविधियों में महासचिव और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सहायता। 4. उपाध्यक्ष: अध्यक्ष की अनुपस्थिति में कार्यों का निर्वहन। 5. पैनल सदस्य 6. : अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों की अनुपस्थिति में सदन की अध्यक्षता करता है।  निर्वाचन: 1. चुनाव: साधारण बहुमत से। 2. प्रथा: आमतौर पर सत्तारूढ़ दल का सदस्य अध्यक्ष बनता है, उपाध्यक्ष विपक्ष से। 3. अलग उदाहरण: कुछ उदाहरणों में सत्तारूढ़ दल से बाहर के सदस्य भी चुने गए। निष्कासन: 1. संविधान का प्रावधान: अनुच्छेद 94 के तहत। 2. प्रक्रिया: 14 दिनों के नोटिस पर प्रभावी बहुमत से हटाया जा सकता है। 3. अयोग्यता: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत। 4. त्याग-पत्र: उपाध्यक्ष को दिया जा सकता है। शक्ति और कर्तव्यों के स्रोत: 1. भारत का संविधान 2. लोकसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियम 3. संसदीय परंपराएँ स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित...

फिलिस्तीन इजरायल के संबंध में महात्मा गांधी जी का विचार

महात्मा गांधी फिलिस्तीन में यहूदी राष्ट्र-राज्य की स्थापना का विचारिक रूप से विरोध करते थे, इज़रायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष एवं तनाव के संदर्भ में उनके विचार काफी चर्चा में है। गांधी द्वारा फिलिस्तीन में यहूदी राष्ट्र-राज्य के विरोध का कारण: यूरोप में यहूदी लोगों की दुर्दशा: 1930 और 1940 के दशक में एडॉल्फ हिटलर के नेतृत्त्व वाले नाज़ी शासन के तहत यूरोप में यहूदियों को अत्यधिक उत्पीड़न एवं भेदभाव का सामना करना पड़ा। नाज़ियों के शासन के दौरान व्यवस्थित रूप से लगभग छह मिलियन यहूदियों का नरसंहार किया गया, उन्हें नज़रबंदी शिविरों में रहने या निर्वासित होने को मज़बूर होना पड़ा। यहूदियों के प्रति गांधी की सहानुभूति: गांधीजी को यहूदी लोगों के प्रति अपार सहानुभूति थी, इन लोगों को ऐतिहासिक रूप से उनके धर्म के कारण प्रताड़ित किया गया था। गांधीजी ने पाया कि यूरोप में यहूदियों और भारत में अछूतों के साथ होने वाले व्यवहार में काफी समानताएँ हैं तथा उन्होंने दोनों समुदायों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार की काफी आलोचनाएँ भी कीं। गांधी जर्मनी द्वारा यहूदियों के उत्पीड़न को लेकर बहुत चिंतित थे और...

जीवन में सफल होने के लिए 10 महत्वपूर्ण सूत्र

जीवन में सफल होने के लिए निम्नलिखित 10 महत्वपूर्ण सूत्र अपनाए जा सकते हैं: 1. स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें: अपने जीवन के लिए स्पष्ट और विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित करें। इससे आपको दिशा और उद्देश्य मिलेगा। 2. समय का प्रबंधन करें: अपने समय का सदुपयोग करें और प्राथमिकताएँ तय करें। समय प्रबंधन से आप अधिक उत्पादक बन सकते हैं। 3. लगन और समर्पण: अपने काम में पूरी लगन और समर्पण के साथ जुड़ें। आधे-अधूरे मन से किए गए कार्य में सफलता मुश्किल होती है। 4. सकारात्मक सोच: हमेशा सकारात्मक सोच रखें और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। सकारात्मक सोच से आत्मविश्वास बढ़ता है। 5.शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें: स्वस्थ शरीर और मन से ही आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें। 6. सतत सीखना: जीवन भर सीखते रहने की आदत डालें। नई चीजें सीखने से आपकी क्षमताएँ बढ़ती हैं और आप अधिक सक्षम बनते हैं। 7. नेटवर्किंग और संबंध: अच्छे संबंध और नेटवर्क बनाएं। सही लोगों के साथ जुड़ने से आपको नए अवसर और समर्थन मिल सकते हैं। 8. सहिष्णुता और धैर्य: सहिष्णुता और धैर्य से आप कठिन समय का...

सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने के लिए रणनीति

सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने के लिए रणनीति, तैयारी और अनुशासन का सही मिश्रण आवश्यक होता है। निम्नलिखित 10 सूत्र आपके लिए इस दिशा में मार्गदर्शक हो सकते हैं: 1. स्पष्ट उद्देश्य और लक्ष्य निर्धारण लक्ष्य तय करें: परीक्षा में सफलता के लिए आपका उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए। निर्धारित करें कि आपको किस स्तर पर तैयारी करनी है और आपका अंतिम लक्ष्य क्या है। समय सीमा: अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए समय सीमा तय करें। इससे आपका ध्यान और प्रयास सही दिशा में केंद्रित रहेगा। 2. सही अध्ययन सामग्री का चयन एनसीईआरटी की किताबें: इनसे बुनियादी समझ विकसित करें। प्रामाणिक स्रोत: यूपीएससी के सिलेबस के अनुसार प्रमाणित पुस्तकें और सामग्री का चयन करें। अखबार और मैगजीन: दैनिक समाचार पत्र जैसे द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस और मासिक पत्रिकाएं जैसे योजना, कुरुक्षेत्र आदि पढ़ें। 3. सिलेबस की गहन समझ सिलेबस को समझें: सिलेबस की गहन समझ बनाएं और उसके अनुसार अपनी तैयारी को दिशा दें। पिछले साल के प्रश्न पत्र: पुराने प्रश्न पत्रों का अध्ययन करें, जिससे परीक्षा के पैटर्न और महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी मिले। 4. समय प्रबंधन अ...

नेता और समाज की वास्तविकता

नेता और समाज की वास्तविकता आजकल के नेताओं ने अपने आप को गरीबों के मसीहा के रूप में प्रस्तुत करना एक प्रचलित चलन बना लिया है। यह बहुत ही विडंबनापूर्ण है कि जिन लोगों ने कभी गरीबी का अनुभव नहीं किया, वे गरीबों के उद्धारकर्ता होने का दावा करते हैं। बचपन से ही सुख-सुविधाओं में पले-बढ़े, सोने का चम्मच लेकर जन्मे इन नेताओं को गरीबों की वास्तविक समस्याओं का अहसास कैसे हो सकता है?  समाज के समक्ष आज कई गंभीर मुद्दे हैं जिन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, जैसे कि अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, युवाओं का भविष्य, और स्वास्थ्य सेवाओं का विकास। इन विषयों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए और ठोस कार्य योजनाएं बनाई जानी चाहिए।  दुर्भाग्यवश, वर्तमान राजनीति में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।18 वीं लोकसभा 2024 के नवनिर्वाचित 543 सदस्यों में से 251 (46 फीसद) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। चुनाव विश्लेषण करने वाली संस्था ‘एसोसिएशन आफ डेमोक्रेटिक रिफार्म्स’ (एडीआर) ने यह बात कही। ये लोग अपराध करने के बाद कुछ समय बाद समाज सेवक बनने का ढोंग करते हैं और समाज क...

What is Hooch?

Recently, at least 34 people have died, and around 100 others have been hospitalised after consuming hooch, or spurious liquor, in Tamil Nadu’s Kallakurichi.  About Hooch: It is a commonly used term for poor quality alcohol, derived from Hoochinoo, a native Alaskan tribe that was known to produce very strong liquor.  Unlike branded liquor which is produced in factories with sophisticated equipment and rigorous quality control, hooch is made in much more crude settings. How is hooch produced? All alcohol is produced using two basic processes: fermentation and distillation.  Fermentation:When heated, yeast reacts with sugar (from grain, fruits, sugarcane, etc.) to ferment and produce a mixture containing alcohol. This is an age-old process, used to create beverages like beer or wine. Limitation: As fermentation continues, and alcohol levels rise, conditions in the mixture become toxic for the yeast. Eventually, no more fermentation can take place. Thus, to make anything str...

Human African Trypanosomiasis (HAT)

In a landmark achievement, Chad has become the first country in 2024 and the 51st globally to eliminate a neglected tropical disease (NTD) — the gambiense form of human African trypanosomiasis (HAT).  About Human African Trypanosomiasis (HAT): It is also known as sleeping sickness. It is caused by protozoan parasites transmitted by infected tsetse flies and endemic in sub-Saharan Africa. It takes 2 forms, depending on the subspecies of the infecting parasite:  Trypanosoma brucei gambiense: It is found in 24 countries of west and central Africa, currently accounts for 92% of reported cases and causes a chronic illness. A person can be infected for months or even years without major signs or symptoms. When evident symptoms emerge, often the disease is advanced with the central nervous system already affected. Trypanosoma brucei rhodesiense: It is found in 13 countries of eastern and southern Africa, accounts for 8% of reported cases and causes an acute disease. First signs ...